मै कहाँ तू कहाँ

मै कहाँ तू कहाँ

मै कहाँ तू कहाँ ..!

मै कहाँ तू कहाँ, कैसा याराना है,
नींद में आना, होश में जाना है

होश में आते है हम पी-पीकर
बेखुदी में जीने का ये बहाना है

कुछ तो बात है तुझमे तुझमे तुझमे
वैसे कहने को तो ये जमाना है

ये कल की बात नही कि भूल जाये 
तेरा मेरा रिश्ता जरा पुराना है

मुश्किलात जब थी तब थी
अब तो तेरे नाम का ख़जाना है

कुछ कहूँ अपनी तो लोग कहते है
ये तू नही है कोई अफसाना है

राह में धुँआ-धुँआ सा है
जल रहा है दिल या आशियाना है

तू नही है तो कोई दिखता भी नही
बस साथ अपने एक और पैमाना है


main kahan tu kahan, kaisa yarana hai
neend me aana, hosh me jana hai

hosh me aaye hai ham pee-peekar
bekhudi me jeene kaa ye bahana hai

kuchh to baat hai tujhme tujhme tujhme
waise kahne ko to ye zamana hai

ye kal ki baat nahi ki bhul jaaye
tera mera rishta zara purana hai

mushqilaat jab thi, tab thi
ab to tere naam ka khazana hai

kuch kahun apni to log kahte hai
ye tu nahi hai koi afsana hai

raah me dhuaan dhuaan sa hai
zal raha hai dil ya aashiyana hai

tu nahi hai to koi dikhta bhi nahi
bas sath apne ek aur paimana hai

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