कोरोना, कम्प्यूटर और बदलती कायनात

कोरोना, कम्प्यूटर और बदलती कायनात

कोरोना, कम्प्यूटर और बदलती कायनात

कम्प्यूटर या लैपटॉप में जैसे ही हम कोई भी इंफेक्टेड पेन-ड्राइव लगाते है फिर पेन-ड्राइव या उसके अंदर का फोल्डर ओपन करते है तो वो वायरस उस फोल्डर में घुस कर उसे भी इंफेक्टेड कर देता है। फिर कम्प्यूटर के किसी भी ड्राइव का जो भी फोल्डर हम ओपन करते है वायरस उसी में घुस जाता है । मतलब कि जिस भी फोल्डर का लॉकडाउन हम तोड़ते है वायरस उसी में घुस जाता है। फिर उस फोल्डर के अंदर जो भी फाइल होता है यानि कि डाटा, वायरस उस पर अटैक करके उसे डिस्ट्रॉय करने की हरसम्भव कोशिश करता है और बहुत से फाइलों को नुकसान भी पहुँचा देता है । कुछ फाइलों को डिलीट भी कर देता है । और हम ढूँढते रहते है कि फाइल कहाँ है किस ड्राइव में है । अगर हम शुरू में ही उस पर ध्यान नहीं देते है तो यह वायरस धीरे-धीरे कम्प्यूटर के सभी ड्राइवों में घुस जाता है । फिर वह सिस्टम फाइलो में पहुँच कर उसे भी नुकसान पहुँचाने लगता है । परिणामस्वरूप सिस्टम slow काम करने लगता है । कभी कभी हैंग (hang)भी हो जाता है । शुरू-शुरू में इसके लिए हम scandisk या disk defragmenting का उपयोग भी करते है ताकि system fast work करने लगे । सवाल यह उठता है कि जब हमे पता चलता है कि system में कोई virus आ गया है तब हम क्या करते है ..? वही... Data को Isolation में रखकर Testing and anti-virus से उस virus, malware को समाप्त करना ।

Data को Isolation में रखने के लिए हम एक new pen-drive का इस्तेमाल करते हुए अपने सभी डाटा या फाइल को उसमें copy करके रख लेते है । फिर किसी genuine anti-virus से इसको scan करके virus remove कर लेते है । फिर अपने कम्प्यूटर को full-format करते है जिससे किसी प्रकार की कोई भी virus या worm न बचे । फिर अपने जरूरत की सभी सॉफ्टवेयर को install और इसकी setting करते है, इस काम में कुछ समय भी लगता है, साथ-ही-साथ संयम और धैर्य रखना पड़ता है । अगर इसमें हम जल्दबाजी करते है तो data lost होने का खतरा रहता है । इसीलिये यह काम हम सावधानी से करते है ।

Computer के Virus, Malware और Worm की तरह ही आजकल इस कायनात मे भी एक virus घुस कर कायनात के data को नुकसान पहुँचा रहा है, नाम है उसका Corona या COVID-19. इस कोरोना को भगाने के लिए इस कायनात के सभी data को isolation मे रखा गया है, और धीरे-धीरे scaning और Testing की जा रही है । जो data कमजोर थे या जिस पर इस virus का गहरा चोट लगा है उस Data को हम खोते जा रहे है । इस प्रक्रिया में हमारा प्रयास अपने कायनात में मौजूद सभी Data को बचाना है । लेकिन virus जिन-जिन फोल्डरों में या घरों में घुस गया है लोग अर्थात data वहाँ भी इंफेक्टेड हो गया है । यहाँ lockdown और isolation का पालन सही तरीके से नही किया जा रहा है, परिणामस्वरूप हम अपने data को निरंतर खोते जा रहे है । कम्प्यूटर के data और इस कायनात के data में फर्क इतना ही है कि कायनात के डाटा अपनी मर्जी से चलते है नियमों का विरोध भी करते है, इसीलिए यह virus ज्यादा फैलता जा रहा है। हमारा data Lockdown का पालन सही से नही कर रहा है । इस virus को भगाने के लिए lockdown का सख्ती से पालन करना आवश्यक है । Computer का virus हो, corona virus हो, या कोई और छुआ-छूत वाला virus, Lockdown ही एक ऐसा विकल्प है जिससे हम बच सकते है ।

साथ ही साथ यह कायनात अपने system को format करके अपने सॉफ्टवेयर को install करने में भी लगा है । अपने bugs को remove कर रहा है । Defragmenting process में लगा है । परिणामस्वरूप इस कायनात के सभी समंदर के बीच साफ हो चुके है । हवायें शुद्ध हो गयी है । पक्षियों के कलरव सुनाई देने लगी है । चारो तरफ शांति का माहौल है । जंगली पशु भी अपने पुराने छिने जा चुके जगहों का जायजा लेने के लिए जंगलों से निकल कर बेखौफ घूम रहे है, मस्ती कर रहे है । गंगा, यमुना और सभी तरह की नदियाँ जिसे साफ करने के लिए न जाने कितने करोड़ खर्च किए जा चुके है, कितनी राजनीति की जा चुकी है । सभी इस कायनात के scandisk process में साफ हो रहे है । ओजोन परतें recover हो रही है । आसमान का आसमानी रंग आँखों को सुकून दे रहा है । अब आँखें बहुत दूर तक साफ-साफ देख सकती है । गजब का माहौल है, कहाँ गये वो लोग जो संसार में अशांति फैला रहे थे। बहुत भागम-भाग था, शोर था, खबरें थी, खबरों पर बेतुकी बहसें थी । वो बहस, वो राजनीति, वो भागम-भाग ऐसा था मानों ये संसार इसके बिना चल नही सकता । कहाँ गये वो सब, ऐसा बदलाव हमने पहले कभी देखा नही था।

वैसे अगर अभी कोरोना के संकट को कुछ देर के लिए दरकिनार कर दिया जाए तो यह कायनात साफ, सुंदर, स्वच्छ और शांतिमय हो गया है । क्या यह प्रकृति खुद को recover कर रही है? क्या ये प्रकृति अपने में मौजूद असंतुलित हो चुके तत्वों को संतुलित कर रही है? अगर प्रकृति इस कोरोना के बहाने खुद को संतुलित करने में सफल हो जाती है तो यह बदलाव इस धरती और धरती पर विचरण करने वाले जीवों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ेगा, जो आने वाले समय में इसका असर दिखेगा । फिर यह दायित्व इस मानव-जाति पर होगा कि आने वाले समय में इस प्रकृति के संतुलन को कैसे बनाये रखा जा सके । अन्यथा असंतुलित प्रकृति धरती पर रहने वाले सभी जीवों पर भारी पड़ेगा।

कोरोना का संकट भी आने वाले कुछ महीनों में खत्म हो जाएगा, अगर यहाँ के लोग इस देश के सरकार, डॉक्टरो और सभी सहकर्मियों का साथ देते रहे। इस कोरोना संकट से निपटने के लिए दिन-रात जुटे कार्यरत सभी तरह के सहकर्मियों को सम्मान और हौसला देते रहे। उनका सहयोग करते रहे । इस संकट की वजह से इस दुनिया में सभी तरह के कार्यो को करने के तरीकों मे बदलाव को हमें समझना होगा । इससे होने वाले फायदे को भी समझना होगा । ताकि इसे आगे भी चलाया जा सके । अब हमें अपने हर तरह के कार्य को करने के साथ-साथ प्रकृति को हो रहे नुकसान के बारे में भी ईमानदारी से हिसाब रखना होगा ताकि ये धरती और धरती के वातावरण को बचाया जा सके ।

1 comment(s)

  • जन्नत

    अच्छा है

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