काव्य

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अफसाने मोहब्बत

अफसाने मोहब्बत, बेअमल हो रहे है | मजहबी दंगे यहाँ, आजकल हो रहे है | मांग धुलने की अब, कोई नहीं है निशाँ गोया धन्धे में, अदल-ओ-बदल हो रहे है।

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प्रार्थना: हे दयानिधे कृपा करो

हे दयानिधे कृपा करो हम दीनों पर दया करो तु ही राम और अल्लाह है हर धर्म का एक राह है संसार के हर रीत मे हर प्राणियों के प्रीत मे तू ही बसा हर सांस मे

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ये चाँद कैसा है

ये चाँद कैसा है ? कोई पहाड़ कहता है, कोई सलाम करता है । किसी के ख्वाब जैसा है, कोई माहताब कहता है, कोई किताब लिखता है । किसी के रिश्तों मे बुनता है, कोई मामा समझता है,

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मै कहाँ तू कहाँ

मै कहाँ तू कहाँ, कैसा याराना है, नींद में आना, होश में जाना है | होश में आए है हम पी-पीकर, बेखुदी में जीने का ये बहाना है

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Strange Clouds

Different Types of clouds shows different types of human nature. Human nature not yet receive humanity.

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खामोशी

खामोशी ये जो तुम्हारी है, दिल की कह रही कहानी है ।पलकों के गिरने की जो आहट है जैसे चुप बैठी कोई दीवानी है । संभलो नहीं जरा भी मेरी बातों से

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जरा धीरे चलना

काँटों भरी है जिन्दगी, जरा धीरे चलना , ढ़लने लगी है शाम अब, जरा धीरे चलना

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ज़ालिम

ज़ालिम कह देता कि साथ लिया तुझे आजमाँ के लिये , दुःख होता है जब भटकता हूँ अपने आशियाँ के लिये

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ज़ख्म

दिल के दीवारों पे किसी को ज़ख़्म न दो, एक ज़ख्म जिन्दगी का रुख़ बदल देती है ।

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गुनाह

गुनाह - हो जाए अगर दिल से कोई गुनाह तो क्या कीजिए फिर मांगे वो पनाह तो सौदाई जहाँ मे किससे पूछे राह कोई हैरत नही गर हो जाये यहाँ बेराह तो

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तेरी बेवफाई

तूने आदत ये कैसी बना ली है , दिल के जख्मों को मेरे यूँही कोड़ना, मशहूर है तुम्हारी हर एक अदा, दिल लगाना और फिर युँ मुँह मोड़ना

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