चराग़ को हवा न दे

चराग़ को हवा न दे—दर्द, ख़ामोशी, टूटे एहसास और भीतर की आग को बयां करती एक भावपूर्ण हिंदी ग़ज़ल। पढ़ें और इन अल्फ़ाज़ में छिपे एहसासों को महसूस करें।

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कविताएँ, ग़ज़लें और गीत · 40

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विजयादशमी 2026: रावण का पुतला नहीं, अपने भीतर के रावण को मारने की जरूरत

विजयादशमी का असली संदेश क्या है? अपने भीतर के रावण को मारने की जरूरत है, परिवार, समाज और सरकारी महकमों में मौजूद अहंकार, लालच और अन्याय को खत्म करने की जरूरत है।

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CJP आंदोलन: बांग्लादेश से प्रेरित, लेकिन भारत के युवाओं का भविष्य किसके हाथ में?

CJP विवाद, नेहा बोरा के बांग्लादेश संबंधी बयान, विपक्ष की राजनीति और युवाओं के भविष्य पर विचार। जानिए क्यों हर आंदोलन का मूल्यांकन जनता के हित व ठोस परिणामों से हो

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काव्य

लफ़्ज और रंग

एक लफ़्ज है जो बंदे को ज़ालिम बना देता है एक लफ़्ज है जो बंदे को सोहबत करा देता है एक रंग है जो जीवन को रंगीन बना देता है एक रंग है जो मन को ग़मगीन करा देता है

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